Backlinks क्या है | Backlinks कैसे बनाये [Advance Strategy]

Backlinks क्या है | Backlinks कैसे बनाये [Advance Strategy]

आज हम इस आर्टिकल में बैकलिंक्स के बारे में विस्तार से जाने वाले है की बैकलिंक्स क्यों, क्या और कैसे हमारे वेबसाइट को गूगल के फर्स्ट पेज के टॉप में आने में सहायता करते है |

आपने बैकलिंक्स के बारे में बोहोत सी बातें सुनी होंगी जैसी की :- बैकलिंक्स क्या है, बैकलिंक्स कैसे बनाये, बैकलिंक्स कहा से ले आदि | तो चलिए फिर इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानते है |

Backlinks क्या है | what are backlinks

जब हम अपने वेबसाइट को किसी और की वेबसाइट से Hyperlinks लिंक्स की सहायता से जोड़ते है तो उसे बैकलिंक कहते है, अगर आप किसी और के वेबसाइट पर अपने वेबसाइट या किसी पोस्ट का यूआरएल डालते या किसी और की वेबसाइट का लिंक अपने वेबसाइट में डालते है तो उसे बैकलिंक कहते है | बैकलिंक्स हम दो तरीके से दे सकते है आईए देखते है वो दो तरीकें कौन से है |

    1. Internal backlinks:

जब हमारे वेबसाइट से लिंक हमारे ही किसी पेज या फिर दूसरे पोस्ट पर जाता है तो उसे Internal backlinks कहते है, ये बैकलिंक्स हमारे साइट के ग्रो मे बोहोत एहमियत रखते है, इसिलए जब भी आप कोई आर्टिकल पोस्ट करते है तो उसे रिलेवेंट अपने दूसरे पोस्ट्स का लिंक जरूर दे |

   2. External backlinks:

जब हमारे वेबसाइट से लिंक किसी दूसरे वेबसाइट पर जाता है तो उसे external backlinks कहते है, ये बैकलिंक हमारे साइट के रैंकिंग मे बहोत बड़ा रोल प्ले करती है | हमारे वेबसाइट मे जितने ज्यादा external लिंक्स होंगे हमारे  टोप पर जाने के चान्सेस उतने हे जयदा होंगे | लेकिन हमें external backlinks लेते समय बोहोत सारे पैरामीटर्स का ध्यान रखना होता है आगे हम जानेंगे वो कौन से पैरामीटर्स है जिनका हमे ध्यान रखना चाहिए |

Anchor Text:

पैरामीटर्स से पहले एंकर टेक्स्ट का जाना जरूरी है, जब हम किसी वर्ड को hyperlink बना देते है तो उसे Anchor text कहते है,जब कोई उस वर्ड पे क्लिक करता है तो वह उस वर्ड के पीछे के लिंक पर चला जाता है | Anchor text  के बारे में जाना बोहोत हे जरूरी है क्यूंकि हम बैकलिंक्स बनाने में इसका बोहोत यूज़ करते है |

अगर हम अपने ब्रांड कीवर्ड या वर्ड पे Anchor text बनाते है तो उन कीवर्ड्स पे हमारी साइट रैंक करने लगती है, लेकिन हमें अपने ब्रांड कीवर्ड्स पे एक्सएक्ट मैच Anchor text बहोत ज्यादा ज्यादा नहीं बनाना चाहिए वर्ण गूगल उसे स्पैम समझने लगता है, हमें अपने मैन कीवर्ड्स में Anchor text एक्वाली बनाना चाहिए ताकि वो गूगल की नज़रो में स्पैम में ना आये |

Backlinks कितने प्रकार के होते है | Types of backlinks

पहले बैकलिंक्स सिर्फ दो प्रकार के होते थे लेकिन गूगल ने इसमें अपडेट करके कुछ और नए प्रकार के backlinks को इंट्रोडूस किया है, तो चलिए फिर देखते backlinks के कौन – कौन से प्रकार है |

   1. Do-Follow:

जब हम किसी को do-follow लिंक देते है या लेते है तो हम गूगल को ये सिगनल देते है की हम इस वेबसाइट की अथॉरिटी ले रहे है की वेबसाइट सही है और गूगल उस लिंक से उस वेबसाइट को क्रॉल करता है, और हमारी वेबसाइट से कुछ ऑथरिटी( Link Juice सरल शब्दो मे ) उस वेबसाइट को मिल जाती है जिस से उस साइट के ग्रो करने चान्सेस बढ़ जाते है, इसे हमारे वेबसाइट की रैंकिंग घटती नहीं है |

अगर कोई रिलेशन मेंशन नहीं किया गया है उसका मतलब भी Do-follow होता है |

<a href=”https://example.com”>SEO in Hindi</a>
<a href=”https://example.com” rel=”dofollow”>SEO in Hindi</a>

   2. No-Follow:

इसका यूज़ हम तब करते है जब उस वेबसाइट को लिंक दे रहे होते है जिसके बारे मे हमें सुरेटी नहीं होती है की साइट सही है या नहीं, तो गूगल no-follow को देख कर समझ जाता है और उस लिंक क्रॉल नहीं करता है और ना ही हमारे साइट से कोई अथॉरिटी देता है | लेकिन अब गूगल के नए अपडेट के बाद वो no-follow लिंक्स को एक सिग्नल की तरह लेने लगा है और गूगल खुद तय करने लगा है की साइट सही है नहीं |

<a href=”https://example.com” rel=”nofollow”>SEO in Hindi</a>

   3. Sponsored:

आपने इस टाइप के बारे मे पहले सायद बहोत कम या फिर सुना ही नहीं होगा, गूगल ने इसे कुछ महीने पहले ही पेड या sponsored लिंक्स को रोकने के लिए किया है पहले बहोत से ब्लोगेर्स पैसे लेके लिंक्स को लिस्ट करते थे इसे को ध्यान में रखते हुए गूगल ने sponsored लिंक्स को इंट्रोडूस किया है ताकि अगर आप किसी और साइट को पैसे लेके sponsored कर रहे है तो उस लिंक को इस केटेगरी में रखे ताकि गूगल अथॉरिटी पास करनी है या नहीं डेसिड कर सके ताकि कोई spammy साइट ऊपर ना आ सके |

<a href=”https://example.com” rel=”sponsored”>SEO in Hindi</a>

   4. User Generated Content (UGC):

इसका ज्यादा यूज़ मोस्टली कमैंट्स सेक्शन के बैकलिंक्स के लिए होता है, और गूगल समझ जाता है की ये बैकलिंक्स यूजर द्वारा क्रिएट किया गया है गूगल अब इन लिंक्स को भी थोड़ा भाव देने लगा है लेकिन कुछ सरतो पर जो हम आगे के पार्ट्स में देखेंगे |

<a href=”https://example.com” rel=”ugc”>SEO in Hindi</a>

जरूर पढ़े: Latent semantic keywords (LSI)  in Hindi – Use in SEO

Backlinks बनाते समय कौन सी गलतिया नहीं करनी चाहिए |

   1. High DA (Domain Authority ):

आप जब भी backlinks बनाये तो हमेशा इस बात का धयान रखे की उसका DA आपके वेबसाइट के DA से ज्यादा होना चाहिए, तभी आपको उस साइट से बैकलिंक्स लेने का ज्यादा फ़ायदा होगा |

   2. High PA (Page Authority ):

आपको backlinks लेते समाये इस बात का भी ध्यान भी रखना है की आपका लिंक उस साइट के जिस पेज पर है उसका PA भी जयदा होना चाहिए तो आपके लिंक को और भी जयदा अथॉरिटी मिलती है |

   3. Spam Score:

आपको जिस बात का सबसे पहले ध्यान रखना है की जिस साइट से आप backlinks ले रहे है उसका स्पैम स्कोर कही ज्यादा तो नहीं है, अगर आप स्पामी साइट्स से लिंक ले रहे है तो आपको इसका नेगेटिव इफ़ेक्ट भी मिल सकता है, गूगल आपके साइट्स को पेनालिस भी कर सकता है और आपका साइट ऊपर की जगह निचे भी जा सकता है | इस लिए जितना हो सकते ऐसे साइट्स से दूर रहे |

   4. Niche/Industry:

अगर आप अपने Niche/Indusrty के साइट्स से लिंक्स लेते है तो गूगल को आप एक अच्छा सिगनल दे रहे है, और आप गूगल की नज़रो में अपनी अथॉरिटी को बढ़ा रहे है और आपके साइट्स के रैंक करने के चान्सेस बढ़ने लगे है |

   5. Low Quality:

आपको लो क्वालिटी बैकलिंक्स बनाने से बचना चाहिए, क्यूंकि जितना आपको एक हाई अथॉरिटी बैकलिंक्स से रिजल्ट मिलता है उतना आपको एक हज़ार लो क्वालिटी बैकलिंक्स से भी नहीं मिलता है | तो आपको ध्यान रखना है की आपको क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी पे ध्यान रखना है |

 Note: DA & PA से डायरेक्ट रैंकिंग का कोई लेना देना नहीं है और ना ही गूगल से कोई डायरेक्ट लिंक है ये MOZ कम्पनी दवारा बनाया गया एक पैरामीटर्स है जो उन पैरामीटर्स को ध्यान में रखते हुए साइट्स को DA & PA अलॉट करता है | इसके बारे में ज्यादा जाने के लिए आप MOZ के ऑफिसियल साइट पर विजिट कर सकते है |

TIP: आपको किसी साइट्स से लिंक लेते समय इस इस बात का भी ध्यान रखना है की आपका लिंक पेज के कौन से पार्ट में है, आपको हमेशा कोशिस करना चाहिए की आपका लिंक पेज के टॉप पार्ट में हो क्यूंकि गूगल सबसे पहले ऊपर के लिंक को क्रॉल करता है और रैंक करता है |

Backlinks कैसे बनाये | How to Create Backlinks

Backlinks बनाने के बहोत से तरीके है आप बहोत से तरीकों से बैकलिंक्स बना सकते है कुछ तरीके अब इतने इफेक्टिव नहीं है लेकिन कही ना कही आपको  इनसे कुछ फ़ायदा मिलता है इसीलिए कुछ ना होने से अच्छा है कुछ होना ही अच्छा है |

   1. Guest Posting:

इस मेथड से आपको सबसे क्वालिटी बैकलिंक्स मिलते है और ये सबसे इफेक्टिव तरीका है बैकलिंक्स लेने का जिसमें आप दूसरे के साइट पे आर्टिकल पब्लिश करते है उसे परमिशन लेकर |

   2. Article Posting:

बहोत सारे हाई अथॉरिटी साइट्स है जो आपको क्वालिटी आर्टिकल पोस्ट करने का मौका देते है जहा से आप डायरेक्ट क्वालिटी backlinks ले सकते है

   3. Social Bookmarking:

आप Social bookmarking साइट्स पर अपने वेबसाइट का पेज बना के अपने कंटेंट को परमोटे या advertise का सकते है | लेकिन social साइट्स पे ग्रो करना बहोत ही हार्ड वर्क काम है |

   4. Web 2.0:

ये सबसे हार्ड तरीका है अनलिमिटेड बैकलिंक्स बनाने का जो बहोत सारे प्रोफेशनल उसे करते है, इसके बारे में और जयदा डिटेल में जानकारी के लिए लिंक पे क्लिक करे, जो आर्टिकल हमारे ही साइट्स पर पब्लिश है | Web 2.0 क्या है | web 2.0 कैसे यूज़ करते है |

   5. Classified Posting:

आप अपने साइट को क्लासिफाइड साइट्स पर भी लिस्ट कर सकते है | जहा पर आप ADs की फॉर्म में पोस्टिंग करते है |

   6. Business Listings:

आप बहोत से हाई बिज़नेस अथॉरिटी साइट्स पर अपने बिज़नेस को लिस्ट कर सकते है जो एक बहोत ही आसान तरीका है |

   7. Directory Submission:

ये तरीका इतना इफेक्टिव नहीं रहा लेकिन फिर भी काम आ सकता है तो हाई क्वालिटी directory में अपने साइट को लिस्ट करना ना भूले | ये बोहोत हे आसान तरीका है बैकलिंक्स बनाने का |

   8. Forum Postings:

आपको Forums में पार्टिसिपेट करते समय धयान रखना चाहिए की आप जो भी कमेंट करे वो दुसरो के लिए वैल्युएबल होना चाहिए तभी आपको उस लिंक्स से ट्रैफिक मिल सकता है, सिर्फ एक बैकलिंक्स के लिया इसका प्रयोग ना करे |

   9. Blog Commenting:

ये तरीका अभी भी किसी हद तक बहोत काम करता है अगर आप अपने nich या industry के साइट्स के ब्लॉग में कमेंट करते है और आपको ध्यान रखना है की आपका कमेंट valueable भी होना चाहिए सिर्फ एक बैकलिंक के लिए कमेंट करने से बचे |

   10. Local Listings:

Moz के एक सर्वे के अनूसार Local listings सारे backlinks में से 25% ट्रैफिक अकेले ही आपके साइट्स पर भेजता है | इसलिए अपने business को लोकल लिस्टिंग्स में जरूर लिस्ट करें | इसका सबसे अच्छा एक्साम्पल है Google My Business (GMB ) जो गूगल का ही एक प्लेटफार्म है |

Special Note: कभी भी आपको लिंक खरीदने से बचना चाहिए क्यूंकि ऐसे लिंक्स का कोई भरोसा नहीं होता की आपका साइट्स कौन से साइट्स से लिंक हो रहा है | PBN ( Private Blog Network ) अगर आप बैकलिंक्स के लिए इसका इस्तेमाल करते है तो आपको गूगल से भरी पैनल्टीज़ का सामना करना पड़ सकता है |

Website को रैंक होने मे कितना टाइम लगता है | How much time takes to rank a website

मैं आपको बताना चाहता की आपकी साइट कभी भी एक रात में गूगल के फर्स्ट पेज पर रैंक नहीं होती है इस प्रोसेस में थोड़ा टाइम लगता है | इस प्रोसेस में कम से काम 3 – 6 महीने लग सकता है | आपको बहोत ही धैर्या से काम लेना होता है और बिना लालच के कन्सिस्टेन्सी से अपने काम में लगे रहना चाहिए | अगर आपको millions कमाना है तो आपको हार्ड वर्क तो करना ही होगा क्यूँकि सक्सेस का कोई शॉर्टकट नहीं होता है |

उम्मीद है आपको backlinks बनाने के बारे में बहोत कुछ सिखने को मिला होगा | अगर हमारे लिए कोई suggestion हो तो आप कमेंट में बता सकते है | आप हमे इंस्टाग्राम @searchenginegoals पर फॉलो भी कर सकते है हमारे लेटेस्ट पोस्ट और SEO के अमेजिंग फैक्ट्स के बारे में जानने के लिए |

This Post Has 12 Comments

  1. DigitalBouncer

    We have felt that this article is very useful for Hindi Blogger as well as English.
    Understanding about backlink is easy but implementation work too difficult for newly bloggers. But your almost give easy to rake chance for implement backlink or generation for their sites.

    Keep continue..

    1. Psingh

      DigitalBouncer Thanks a lot for your Support

  2. Mukesh

    Hello Sir Muje Ek question Ka Answer Chahie ki meri website 2015 se hai Usme 2019 Tak Copy Krke Post Dali Or ab copy nhi kr rha hu To ab mere question

    1. Ab Kya me Post Likhu To Kya mera blog Renk krega.
    2. Kya me sbhi Copy Paste Vali post delate kr du.
    3.English Blog Hai Usme kya Hindi Me bhi Post dal skta bu

  3. Dr. Renu Arora

    बहुत बहुत धन्यवाद, काफी बढ़िया सीखने को मिला है आपकी इस पोस्ट से। लेकिन आप अगर पेज स्पीड के बारे में भी कुछ टिप्स देंगे खासकर मोबाइल पर जब वेबसाइट ओपन होती है तो काफी टाइम लेती है शुरू होने पर लगभग 7 सेकंड।

  4. अच्छा खासा काम मे आने वाली पोइन्ट दि गइ है ।लेख पढ के बेक लिङ्ग के बारे मै ढेर सारा अभिज्ञता मिली ।इस के लिए मनिस जी को आन्तरिक धन्यवाद देना चाहती हुॅ ।

  5. Homeconsume

    I always had a doubt about nofollow and dofollow links. Got cleared after reading this article.

  6. abhishek

    bahut hi badhiya article backlink ke bare me.

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