Google ने अपने Advertisers के लिए Identity वेरिफिकेशन प्रोग्राम शुरू कर दिया है

Google ने अपने Advertisers के लिए Identity वेरिफिकेशन प्रोग्राम शुरू कर दिया है

यूजर अब Summer के शुरूआत में गूगल Ads को चलाने वाले की पहचान देख सकेंगे |

गूगल ये प्रोग्राम अपने सभी Advertisers के लिए शुरू करने जा रहा है, गूगल ने ये Thursday को हे announce कर दिया था | Advertisers के लिए इनकारपोरेशन documents, पर्सनल identification और बाकि जानकारिया जिनसे उनकी पहचान की वो कौन और किस देश के लिए काम करते है गूगल के पास ये डॉक्युमेंट्स जमा करवना अनिवार्य होगा |

Ads URL पर क्लिक करके Identity देखा जा सकता है। Source: Google

 

गूगल ऐसा क्यों चाहता है |

Google का Advertisers वेरिफिकेशन प्रोग्राम यूजर को यह पता लगाने में मदद करेगा है की जो Ads वो देख रहे है ये कौन चला रहा है और उन्हें Ads पर क्लिक करने से पहले Advertisers के बारे में और अधिक जानकारी मिल जायगी ये सुनिश्चित करने के लिए की उन्हें Ads पर क्लिक करना है या नहीं |

गलत Advertisers को फ़िल्टर करके बाहर निकाल के ये प्रोग्राम गूगल Ads के इकोसिस्टम को भी काफी हद तक अच्छा बना देगी | ये गलत Advertisers को बहोत जय्दा यूजर तक पहुंचने से पहले ही रोक देगा |

हालाँकि यह एक बार की प्रक्रिया प्रतीत होती है, लेकिन यह Advertisers का थोड़ा सा काम बढ़ा सकता है, जो कि Advertisers को अपने Ads चलाने के लिए करना पड़ेगा, विशेष रूप से कई Clients के साथ काम करने वाले प्रोफेशनल Advertisers के लिए।

Google ने सबसे पहले 2018 में Political Advertisers के लिए अपना Identity वेरिफिकेशन प्रोग्राम शुरू किया था ।

Google इसकी शुरुआत पहले USA से करेगा, फिर दुनिया भर में इसका विस्तार करेगा | इस प्रोग्राम को पूरा रोलआउट होने में कुछ साल लगने की उम्मीद है।

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